
सुंदरनगर (मंडी)। गर्मियों के मौसम में फायर सीजन के दौरान सुकेत वन मंडल में वनों को आग से बचाने की कवायद शुरू हो गई है। अति संवेदनशील क्षेत्रों में फायर वाचर तैनात करने का निर्णय लिया गया है। मंडल कार्यालय में कंट्रोल रुप भी स्थापित कर दिया गया है।
सुकेत वन मंडल का कुल क्षेत्रफल 31 हजार हेक्टेयर है। इसमें करीब 21 हजार हेक्टेयर क्षेत्र आग की घटनाओं के मद्देनजर अति संवेदनशील रहता है।
यहां छह वन परिक्षेत्र सुकेत, जयदेवी, झुंग्गी, कांगू, सरकाघाट और बलद्वाड़ा शामिल हैं। वन परिक्षेत्रों में कुल 72 बीटें हैं। सभी बीटों में तैनात कर्मचारियों को आग से निपटने के लिए इस बार विशेष प्रशिक्षण दिया गया है तथा फील्ड में तैनात सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। 22 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है। यह समितियां वनों में आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के अलावा आग बुझाने में भी वन कर्मियों की मदद करेंगी। विभाग की ओर से 60 फायर वाचर अति संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। इसके अलावा विभाग की ओर से आम जनता को वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए गए हैं।
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फायर सीजन के दौरान वनों को आग की घटनाओं से बचाने के लिए इस बार पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के गठन के साथ फील्ड में तैनात कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए है। मंडल कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। टेलीफोन नंबर 01907-267228 है। लोगों से सहयोग की अपील की है।
अजीत ठाकुर, वन मंडल अधिकारी सुकेत, सुंदरनगर।
